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GST (Goods and Services Tax) भारत की सबसे बड़ी अप्रत्यक्ष कर सुधार प्रणाली है। लेकिन आज भी बहुत से लोग GST का इतिहास और GST Registration की सही प्रक्रिया को लेकर भ्रम में रहते हैं।
इस लेख में हम GST का इतिहास, भारत में GST लागू होने की यात्रा, और GST Registration से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को आसान और professional हिंदी में समझेंगे।
GST क्या है?
GST (Goods and Services Tax) एक अप्रत्यक्ष कर है जो वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति (supply) पर लगाया जाता है। GST ने भारत में केंद्र और राज्य के कई अप्रत्यक्ष करों को एक टैक्स प्रणाली में शामिल किया है।
GST का मुख्य उद्देश्य है:
- Tax-on-tax प्रभाव को खत्म करना
- एक unified national market बनाना
- Tax compliance को सरल बनाना
GST का इतिहास (History of GST)
GST की नींव Value Added Tax (VAT) की अवधारणा पर आधारित है, जिसे फ्रांस के अर्थशास्त्री Maurice Lauré ने विकसित किया था।
वैश्विक स्तर पर GST
- फ्रांस ने सबसे पहले 1954 में VAT को लागू किया
- आज दुनिया के 160 से अधिक देशों में GST या VAT प्रणाली लागू है
भारत में GST की यात्रा
🔹 वर्ष 2000
- अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने भारत में GST लागू करने का प्रस्ताव रखा
- असीम दासगुप्ता समिति का गठन किया गया
🔹 वर्ष 2004
- Kelkar Task Force ने VAT आधारित GST प्रणाली की सिफारिश की
🔹 वर्ष 2006
- तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 1 अप्रैल 2010 तक GST लागू करने की घोषणा की
🔹 वर्ष 2009
- State Finance Ministers की Empowered Committee ने First Discussion Paper जारी किया
- Dual GST मॉडल प्रस्तावित किया गया
🔹 वर्ष 2011
- संविधान (115वां संशोधन) विधेयक संसद में पेश किया गया, लेकिन पारित नहीं हो सका
🔹 वर्ष 2014
- नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे संविधान (122वां संशोधन) विधेयक के रूप में दोबारा प्रस्तुत किया
🔹 वर्ष 2016
- संसद के दोनों सदनों से विधेयक पारित हुआ
- 8 सितंबर 2016 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली
- यह 101वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 बना
- GST Council का गठन हुआ
🔹 वर्ष 2017
- CGST, SGST, IGST और UTGST कानून पारित हुए
- 1 जुलाई 2017 को पूरे भारत में GST लागू हुआ
GST से पहले लागू कर (Pre-GST Taxes)
GST लागू होने से पहले भारत में निम्नलिखित कर थे:
- Central Excise Duty
- Service Tax
- VAT
- Central Sales Tax (CST)
- Entry Tax
GST ने इन सभी करों को एक कर प्रणाली में समाहित कर दिया।
GST Registration क्या है?
GST Registration वह प्रक्रिया है जिसके तहत कोई व्यक्ति या व्यवसाय GST कानून के अंतर्गत पंजीकृत होता है और उसे GSTIN प्रदान किया जाता है।
GSTIN एक 15 अंकों की unique पहचान संख्या होती है।
GST Registration कब अनिवार्य है?
🔹 Turnover Limit
- Services के लिए: ₹20 लाख
- Goods के लिए: ₹40 लाख
(विशेष राज्यों में अलग सीमा लागू होती है)
GST Registration अनिवार्य मामलों में (Section 24)
निम्नलिखित व्यक्तियों को turnover की सीमा के बिना GST Registration लेना अनिवार्य है:
- Inter-State supply करने वाले व्यक्ति
- Casual taxable person
- Reverse Charge के अंतर्गत tax देने वाले
- Non-resident taxable person
- Input Service Distributor (ISD)
- E-commerce operators (TCS के अंतर्गत)
- Online information और database access services प्रदान करने वाले
GST Registration की समय-सीमा
- जिस दिन से GST Registration की liability बनती है
- उसके 30 दिनों के भीतर आवेदन करना आवश्यक है
GST Registration के प्रकार
- Normal Registration
- Composition Scheme Registration
- ISD Registration
- Casual Taxable Person Registration
- Non-Resident Taxable Person Registration
निष्कर्ष (Conclusion)
GST का इतिहास यह दर्शाता है कि यह केवल एक कर सुधार नहीं बल्कि भारत की आर्थिक संरचना में क्रांतिकारी बदलाव है।
सही समय पर GST Registration लेना और नियमों का पालन करना किसी भी व्यवसाय के लिए अत्यंत आवश्यक है।
